
नगरी- धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के वन परिक्षेत्र नगरी सामान्य अंतर्गत ग्राम मोहमल्ला में रविवार को एक तेंदुआ खुले सूखे कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र नगरी, सांकरा एवं बिरगुड़ी के वन अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने कुएं में मजबूत सीढ़ी लगाई, जिसकी सहायता से तेंदुआ स्वयं ऊपर चढ़कर सुरक्षित बाहर निकल गया और जंगल की ओर चला गया। पूरे अभियान के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों के अनुसार रविवार सुबह गांव के समीप तेंदुआ दिखाई दिया। इसी दौरान गांव के कुछ कुत्तों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। जान बचाने के प्रयास में तेंदुआ तेजी से भागा, लेकिन किसान भगतूराम गोंड़ के खेत के पास झाड़ियों से घिरे खुले सूखे कुएं का अंदाजा नहीं लगा सका और उसमें गिर गया। ग्रामीणों ने जब कुएं में तेंदुए को देखा तो तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम आवश्यक रेस्क्यू सामग्री के साथ घटनास्थल पर पहुंची। सबसे पहले पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर लोगों को कुएं से सुरक्षित दूरी पर रखा गया। तेंदुए के कुएं में गिरने की खबर फैलते ही मोहमल्ला सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। तेंदुए को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके चलते वन विभाग को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
वन अधिकारियों ने परिस्थितियों का आकलन करने के बाद तेंदुए को बिना किसी प्रकार की बेहोशी की दवा दिए प्राकृतिक तरीके से बाहर निकालने का निर्णय लिया। इसके तहत कुएं के भीतर मजबूत सीढ़ी लगाई गई। कुछ समय तक शांत रहने के बाद तेंदुए ने स्वयं सीढ़ी पर चढ़ना शुरू किया और सुरक्षित बाहर निकलकर तेजी से निकटवर्ती जंगल की ओर चला गया। पूरे रेस्क्यू अभियान के दौरान वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से मौके पर डटे रहे।
वन विभाग के एसडीओ संजू ने बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार तेंदुआ भोजन या शिकार की तलाश में गांव के समीप पहुंचा होगा। कुत्तों के पीछा करने के दौरान घबराहट में वह खुले सूखे कुएं में गिर गया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसके पास जाने, उसे घेरने अथवा छेड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू और जंगल की ओर लौट जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की। वन विभाग की तत्परता, सूझबूझ और समन्वित प्रयासों से एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण का सफल उदाहरण सामने आया ।





